A/B Testing Kya Hai और कैसे करे ?

यदि आप एक Graphic Designer या Web Designer है या आपको अपने website को खुद से ही डिज़ाइन करना अच्छा लगता है तो आपको A/B Testing के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरुरी है. आज के इस लेख में हम ये जानेंगे की A/B Testing Kya Hai और A/B Testing Tools के फायदे. इस A/B Testing in Hindi से जुड़े जानकारी के लिए इस लेख के अंत तक बने रहे.

A/B Testing Kya hai?

A/B Test का मतलब है A और B Design के बिच में Comparison करना और ये देखना की इन दोनों में से कौन सा डिज़ाइन लोगो को ज्यादा आकर्षित करता है. यहां A और B केवल Web Design ही नहीं बल्कि User Interface Design, Web Design या Application Design भी हो सकते है. इसे हम A/B/n Testing, Split Testing या Bucket Testing के नाम से भी जानते है.

A/B Testing Examples :

a/b testing examples

A/B Testing in Hindi Examples की बात की जाये तो मन लीजिये

आपका एक E Commerec वेबसाइट है और आपके वेबसाइट पर 1000 Customer, Email के माध्यम से register है. आप एक Advertisement Campaign चलाते है जिसमे की आप पहले 500 कस्टमर्स को डिज़ाइन A भेजते है और अगले 500 कस्टमर्स को डिज़ाइन B भेजते है.

Design A की बात करे तो उन 500 कस्टमर्स में से 300 कस्टमर्स ने आपका ईमेल पढ़ा बाकियो ने नहीं पढ़ा और उन 300 लोगो में से 80 लोगो को आपका advertisemnt design अच्छा लगा और 80 लोगो ने उसपे क्लिक किया जिसका conversion rate 27% है.

वही Design B की बात करे तो 500 में से 200 कस्टमर्स ने email पढ़ा और 25 लोगो ने क्लिक किया जिसका conversion rate 13% है.

यदि हम इन दोनों designs की तुलना आपस में करेंगे तो ये पाएंगे की Advertisement design A , डिज़ाइन B की तुलना में लोगो की काफी अच्छा लगा. इसी तरह से हम अपने designs को किसी और डिज़ाइन से तुलना करके देख सकते है.

वही दूसरे A/B Testing Examples की बात की जाये तो अपने एक e-commerce website को mobile के लिए design किया है और Product Buy करने वाले बटन को Mobile Screen के Left Side में रखा है और आप जानते है की ज्यादातर Mobile Users, Right Handed होते है ऐसे स्तिथि में 40% Chances है की Users आपके Product को ना ख़रीदे.

A/B Testing Tools

इन tools की मदद से हम अपने designs को ज्यादा attractive और eye catchy बना सकते है, और ज्यादा attractive होने से आपको ज्यादा Clicks मिलेंगे. A/B Testing Tool की मदद से हम अपने Google Adsense की Income को भी increase कर सकते है. Tools जिनकी मदद से आप अपने डिज़ाइन को टेस्ट कर सकते है –

A/B Testing के फायदे

  1. Bounce Rate कम करने में मदद करता है.
  2. Conversion Rate Increase करना.
  3. Sales को increase करना.
  4. Low Data Rate Testing करने में useful है
  5. Analysis करने में आसानी होता है.

A/B Testing के नुकसान

  1. इन tests को करने में काफी समय लगता है.
  2. वेबसाइट के समस्या को show नहीं करता.
  3. केवल एक ही Variable Element के साथ अच्छा काम करता है.

अभी तक अपने जाना की A/B Testing Kya hai, A/B Testing Examples और A/B Testing Tools के फायदे के बारे में. अब हम ये जानेंगे की इन टेस्ट को कैसे किया जाता है .

A/B Testing Kaise Kare?

आइये अब जानते है की A/B Testing कैसे किया जाता है –

  1. Research and Data Collection : सबसे पहले हमें ये Research करना पड़ेगा की हमारा Website कैसा Perform कर रहा है, कितने Users आ रहे है, Pages के Conversion Goals क्या है इत्यादि.
  2. Identify Goals and Formulate Hypothesis : इस Test को करने से पहले हमें अपने goals जानना है आखिर ये टेस्ट हम क्यों करना चाहते है, क्या हमें अपने Products को Sell करना है या अपने Adsense Revenue को Increase करना. वैसे हर लोगो के गोल्स अपने अपने होते है आपको बस अपने गोल्स को खोजना है. Data Collection को मध्य नज़र रखते हुए आपको अपने website में होने वाले बदलाव के बारे में सोचना है की ये कैसे मेरे लिए मददगार साबित हो सकता है.
  3. Create Variation : Hypothesis को ध्यान में रखते हुए एक Variation बनाये जिसे आप टेस्ट करना चाहते है जो आपके पुराने Variation से थोड़ा अलग हो.
  4. Run : ये पुरे Process का last step है बस आपको अपने Variations को Test और Implement करना है. बदलाव के बाद आने वाले नतीजों पर ध्यान देना है की इनमे कुछ सुधर हो रहे है या नहीं. यदि कुछ सुधार नहीं हो रहा है तो इस test को फिर से try करे जब तक की आप अपने goal acheive ना कर ले.

A/B Testing and SEO

Google के द्वारा बताये गए एक article ” website testing with Google Search ” के द्वारा A/B Testing को Encourage किया गया है लेकिन SEO के हिसाब से कुछ बातो का ध्यान में रखना बहुत ही जरुरी है.

  1. Cloaking : Cloaking एक Practice है जिसके माध्यम से हम अपने Content या URLs को Humans के लिए अलग और Search Engine के लिए present करते है.  Google के अनुसार Cloaking , Google Webmaster Tool के Against है. जो भी Website Cloaking को अपने Website में impliment करते है तो Google उन Website को Demote या SERP से Remove कर देता है. A/B Testing करते समय Cloaking का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है.
  2. Use 302 Redirect : आप A/B Test को Run कर रहे है जो आपके Original URLs को किसी Variable URL पर Redirect कर रहा है तो Temporary 302 Redirect का use करे ना की Permanent 301 Redirect का.
  3. Use of Canonical : Google ये Suggest करता है जितने भी Alternate URLs है उनमे Canonical Relation का use करना चाहिए.

Conclusion

अब तो आप समझ ही गए होंगे की A/B Testing क्या है और User Experiance को बढ़ाने के कैसे मदद करता है. A/B Testing in Hindi की मदद से आप अपने website को काफी attractive बना सकते है और A/B Testing Examples की मदद से इसे समझने में काफी आसानी होता है.

यदि आपको हमारा ये Article A/B Testing Hindi अच्छा लगा तो comment box में feedback दे सकते है. आप चाहे तो इस article को social media network पर share कर सकते है.

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