Heat Sink Kya Hai | Heat Sink Kaise Kaam Karta Hai

आज के इस लेख में हम ये Heat Sink Hindi, Heat Sink Kya Hai और Heat Sink Kaise Kaam Karta Hai. क्या हमें हीट सिंक की जरुरत है और बिना हीट सिंक के Electronic Device पर क्या असर होगा आइये जानते है.

Heat Sink Kya Hai [What Is a Heat Sink]

हीट सिंक क्या है – Heat Sink एक तरह का Thermal Conductor है जिसका काम है Hot Device के Heat Flow Rate को बढ़ाना ताकि हमारा Device अच्छे तरीके से काम कर सके. हीट सिंक में छोटे छोटे Fins बने होते है जो किसी भी Hot Device के Surface Area को बढ़ा देता जिससे की Heat आस पास के क्षेत्र में फ़ैल जाये.

किसी भी Heat Generating Devices के हिसाब से एक Heat Sink को डिज़ाइन किया जाता है ताकि हमारा Device देखने में भी अच्छा लगे और कोई नुकसान भी ना हो, और एक ही जैसे दिखने वाले दो हीट सिंक के अलग अलग प्रकृति हो सकते है.

Heat Sink Kaise Kaam Karta Hai [How Does a Heat Sink Work]

हीट सिंक में Heat Transfer, Thermodynamics 2nd Law के अनुसार ही होता है जिसके तहत Heat हमेशा High-Temperature Body से Low-Temperature Body की ओर flow करता है. ज्यादातर हीट सिंक किसी भी System के गर्मी को बाहरी वातावरण में फेकने के लिए चार साधारण steps को follow करते है.

1. Heat Generating Source :

Heat Generating Source कहने का मतलब है कोई भी ऐसा स्रोत जो लगातार Heat पैदा कर रहा हो और हमारे Device / System के लिए हानिकारक हो. ये Source किसी भी तरह के हो सकते है जैसे की

  • Mechanical
  • Solar
  • Electrical
  • Friction
  • etc.

2. Heat Transfer From Source :

जिन जगहों पर Heat Sink का direct contact उन Heat Sources के साथ होता है वे Natural Conduction के माध्यम से Heat को दूर करते है. हीट सिंक के Material का Thermal Conductivity पर काफी असर पड़ता है इसलिए हमेशा High Thermal Conductivity वाले Metals जैसे की Aluminium, Copper, Brass इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है.

3.Conduction Distribution :

Natural Conduction के माध्यम से गर्मी Heat Source से हीट सिंक तक एक Thermal Gradient बनाते हुए पहुँचता है इसलिए Heat Sink का Source Side गर्म और Outer Side ठंडा होता है. Thermal Gradient को साधारण शब्दों में Temperature Difference भी कह सकते है.

4. Heat Transfer From Heat Sink :

Thermal Diffusion और Convection की मदद से गर्मी को बाहरी वातावरण में फेंक दिया जाता है. हवा एक अच्छा Working Fluid है. जब ठंडा हवा हीट सिंक से टकराता है तो वो गर्म और हल्का हो जाता है और ऊपर उठने लगता है और उसकी जगह ठंडा हवा ले लेता है और ये Process लगातार चलता रहता है.

अभी तक अपने ये जाना की Heat Sink Kya Hai और हीट सिंक कैसे काम करता है. आइये जानते है Heat Sink Types के बारे में.

Heat Sink Types

Uses के आधार पर हीट सिंक दो तरह के होते है Active Heat Sink और Passive Heat Sink.

Passive Heat Sink :

ये पूरी तरह से Natural Convection पर निर्भर होते है, इनमे किसी तरह के पंखे या Power source का इस्तेमाल नहीं किया जाता है और ये Passive Heat Sink के मुकाबले थोड़े कम कारगर होते है.

Active Heat Sink :

Heat Dissipation के लिए इनमे Forced Convection का इस्तेमाल किया जाता है. Forced Convection का मतलब बाहरी प्राकृतिक हवा को Fan या Blower के माध्यम से हीट सिंक की ओर फेकना, जिससे की heat transfer rate काफी बढ़ जाता है.

Heat Sink In Computer

Computer या Laptop में हीट सिंक का बहुत बड़ा योगदान है. आज से करीब 30 साल पहले जब Computers इतने Fast नहीं थे तो उनमे हीट सिंक का इस्तेमाल नहीं हुआ करता था, या उस समय के Fast Computers में ही हीट सिंक का इस्तेमाल किया जाता था.

लेकिन अभी के समय में Computers बहुत ही शक्तिशाली हो गए है और बहुत ही ज्यादा मात्रा में उष्मा उत्त्पन्न करते है ऐसी स्थिति में हीट सिंक का इस्तेमाल करना बहुत ही जरुरी है. बिना हीट सिंक के आपको अपने कंप्यूटर में Thermal Throttling देखने को मिलेगा और आप अपने Processors को अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे या आपका Processor Burn हो जायेगा.

आप आपने SmartPhone का ही उदाहरण ले सकते है जब कभी आप Heavy Games खेलते है जैसे की PUBG, COD, ASPHALT इत्यादि तो आपका Processor गर्म हो जाता है और आपको Game Lag का सामना करना पड़ता है, क्यूंकि Processor अपने आप को गर्मी से बचने के लिए अपने आप को धीमे कर लेता है.

Heat Sink Material

  • Aluminium Alloys (1050, 6060,6061,6063) – Thermal Conductivity of 160-200 W/m•K .
  • Copper – 400 W/m•K of Thermal Conductivity.

Conclusion

अभी के समय में Electronics Devices में Heat Sink का इस्तेमाल करना बहुत ही जरुरी हो गया है क्यूंकि ये पहले से ज्यादा तेज़ और ताकतवर हो गए है . अभी के Computers में तो Liquid Cooling का भी इस्तेमाल किया जाने लगा है ताकि ये और भी फ़ास्ट काम कर सके. यहां तक की SmartPhones में भी ये तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है.

मुझे उम्मीद है की आपको मेरा ये लेख Heat Sink Kya hai, Heat Sink Hindi अच्छा लगा होगा और आपको मै Heat Sink in Hindi के बारे में अच्छे से जानकारी दे पाया. यदि आपको अभी भी इस Topic से सम्बंधित कोई समस्या है तो Comment के माध्यम से हमें बता सकते है. आप इसे Social Media Sites पर share भी कर सकते है.

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