RFID Kya Hai और कैसे काम करता है ?

आप में से बहुत सारे लोगो को ये पता होगा की RFID kya hai ? वैसे देखा जाये तो ये RFID Technology ज्यादा नया नहीं है लेकिन इस technology के जायदा applications हो जाने के कारण ये सबके नज़र में आ गया है. आज के ज़माने में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हर Field में होने लगा है और इसकी लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है.

RFID की लोकप्रियता को देखते हुए मैंने सोचा की अपने Readers को RFID Technology के बारे में जानकारी दू, ये टेक्नोलॉजी क्या है और ये काम कैसे करता है. यदि आप इस टेक्नोलॉजी के बारे में समझना चाहते है तो इस Article को जरूर पढ़े. RFID kya hai

RFID Kya Hai (What is RFID in Hindi)

RFID का Full Form ” Radio-Frequency Identification ” होता है. RFID एक छोटा सा Electronic Device होता है जो की small Chip और Antenna से बना होता है और ये किसी भी Objects से जुड़े हुए Tags को Track करने के लिए Electromagnetic Field का use करता है.

RFID Device भी वही समान काम करता है जो की एक Barcode या Magnetic Strip काम करता है, ये किसी भी Object को Unique Identification देते है और इन तीनो का Scan करने का तरीका अलग अलग होता है क्युंकि ये तीनो Different Technologies पे काम करते है.RFID kya hai

यदि RFID को Barcode या Magnetic Strip से Compare करे तो

  • RFID Tag का किसी Object के साथ Direct Contact न होने के कारण ये जल्दी ख़राब नहीं होता.
  • Read Time 200 milliseconds से भी काम होता है.
  • एक बार में बहुत सारे RFID Tags तो Read किया जा सकता है.

RFID काम कैसे करता है

Automatic Identification and Data Capture (AIDC) Technology पर RFID काम करता है. इस AIDC Method में किसी भी Object को Automatically identify करना, उसके बारे में Data Collect करना और उस Data को थोड़ा या बिना किसी मेहनत के Directly Computer System में Enter करना.

एक RFID System में तीन Components होते है – RFID kya hai

  1. RFID Tag
  2. RFID Reader
  3. Antenna

RFID Tag में Antenna और Integrated Circuit होता है जो की RFID Reader को Data Transmit करने के काम आता है. RFID Reader उस Radio Waves को Useful Data में Convert करता है और उस Data को Computer System को भेज दिया जाता है.

RFID Technology History

RFID Technology का पहला इस्तेमाल Mario Cardullo के द्वारा 23 January,1973 को किया गया. इनके नाम पे U.S patent है क्युंकि इन्होने एक Active RFID tag में  Re-writable Memory का अविष्कार किया था.

RFID System कितने प्रकार के होते है –

वैसे तो RFID System कई तरीके के होते है लेकिन Frequency के आधार पर ये मुख्य तीन प्रकार के है.

Low Frequency

Low-Frequency RFID system का General Frequency Range 30 kHz से 300 kHz और Primary Frequency Range 125 kHz से 134 kHz तक होता है. Read Range 0 cm से 10 cm तक होता है.

High Frequency

High-Frequency RFID System का General Frequency Range 3 MHz से 30 MHz और Primary Frequency Range 13.56 MHz तक होता है. Read Range 30 cm तक होता है.

Ultra-High Frequency RFID kya hai

Ultra-High Frequency RFID System का General Frequency Range 300 MHz से 3000 MHz और Primary Frequency Range 433 MHz, 860-960 MHz तक होता है. इस Frequency में दो तरह के RFID System आते है पहला Active RFID और दूसरा Passive RFID.

Active RFID System की बात की जाये तो इसका Primary Frequency Range 433 MHz है और Read Range 30 – 100 meter से ज्यादा है. फायदे की बात की जाये तो इसका Read Range ज्यादा है , Memory Capacity बड़ा है और Data transmission rate भी ज्यादा है.RFID kya hai

Passive RFID System की बात की जाये तो इसका Primary Frequency Range 860-960 MHz है और Read Range 0 – 25 meter है. फायदे की बात की जाये तो इसका Read Range ज्यादा है और Data transmission rate भी ज्यादा है. Tags का कीमत सस्ता है और ये बहुत तरह के Shape और Size में है.

आज का ज्ञान

आज के इस आर्टिकल में अपने ये जाना की RFID kya hai और ये कैसे काम करता है. हमारा एक ही उद्देश्य है की user को RFID kya hai के बारे में पूरी जानकारी दी जाये जिससे की user को किसी और साइट पर जाने की जरुरत ना पड़े. यदि इस लेख में कोई गलती है या आपको कोई सुझाव देना है तो आप Comment Box में Comment भी कर सकते है

यदि आपको ये लेख RFID Kya hai अच्छा लगा या आपको कुछ सिखने को मिला तो इसे Social Network Site जैसे की Facebook, Twitter इत्यादि पर शेयर करे.

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